Sat. Oct 31st, 2020

कुम्हरार को पटना का सबसे विकसित क्षेत्र बनाना है – डॉक्टर शरद

बिहार                                        

पटना–  बिहार विधानसभा चुनाव का शंखनाद हो चुुका हैै।  नामांकन की प्रक्रिया जारी है। अपने को धुरंधर समझने वाले नेता मैदान में उतर चुके हैं। राजनीति में नाम चमकाने और रसूख बनाने को उतावले नेताओं की कमी नहीं ,लेकिन किसी क्षेत्र का सही मायनों में प्रतिनिधित्व करने की योग्यता क्या होती है ये इस लोकतंत्र में अपना बहुमूल्य मत देने वाला बुद्धिजीवी और गरीब जनता बखूबी समझती है।

कुम्हरार विधानसभा में डॉक्टर शरद एक ऐसा नाम है , जिसे न नाम कमाने की इच्छा है ,न धन अर्जन की लालसा । ईश्वर ने इन्हें सबकुछ तो दिया ही है,  साथ ही दिया है एक सुंदर हृदय ,जिससे ये जनसेवा को हमेशा तत्पर रहते हैं।

अभी पिछले साल जब भरी बरसात में डूब गया था पटना ,और उपमुख्यमंत्री चुपके से नाव मंगाकर निकल भागे थे ,तब डूबे पटना के घरों से आती सिसकियों की उम्मीद बनकर कुछ समाज के सच्चे नायक निकल पड़े थे नाव लेकर । डॉक्टर शरद उन नायकों में से एक थे। 

पेशे से डॉक्टर हैं , राजनीति और समाजसेवा तो विरासत में मिली है । दादा मोकामा से विधायक रह चुके हैं। पत्नी डॉक्टर रश्मिका सिंघला पटना की प्रख्यात नेत्र विशेषज्ञ है। इन्हें क्या चाहिए …

अवकाश प्राप्त प्रोफेसर राम कुमार शर्मा कहते है कि – डॉक्टर शरद जैसे लोग समाज मेे कम हैैं , जनप्रतिनिधि को ऐसा होना चाहिए कि वह बिल्कुल किसी भी पद और धन की लालसा से मुक्त हो ,जिसके पास समाज के उत्थान और विकास के लिए दूर दृष्टि हो । डॉक्टर शरद जनप्रतिनिधि चुुुने जाते हैं तो यह कुम्हरार की जनता का सौभाग्य होगा।

राजधानी पटना की चर्चित विधानसभा सीट कुम्हरार से डॉक्टर शरद नंदन ने पूर्व सांसद श्री अरुण कुमार की भारतीय सबलोग पार्टी के चुनाव चिन्ह “बैंड बाजा” ट्रम्पेट छाप से 15 अक्टूबर को अपना नामांकन कर दिया। कुम्हरार की जनता के लिए ये नए नहीं है ,लगभग बीस वर्षों से जनसेवा में लगे है , पूछने पर कहते हैं – सुकून मिलता है । अपने क्षेत्र के लोगों का  सर्वांगीण विकास देखना चाहते हैं । वर्षो बीत जाते है , और स्थितियां नहीं बदलती , गरजकर भाषण पिलाने वाले तथाकथित नेताओं से घृणा हो गई है , अपना पेट भरने के बाद भी भरना चाहते है और किसी  पेट की चिंता नहीं। समस्याएं अनगिनत मुंह बाए खड़ी है ,लेकिन समाधान की नहीं सोचते । आग लगने पर कुँआ खोदते है यहां के नेता।

पत्नी रश्मिका सिंघला के भूतनाथ रोड स्थित आंख के अस्पताल ,चंडीगढ़ आई केयर में एक   सज्जन ने कहा कि – मैडम तो देवी है , इनके कारण मेरी आँख बची , नही तो अंधे हो जाते । इंफेक्शन लगने  के बाद स्थिति बिगड़ने लगी , पटना के बड़े डॉक्टरों ने जवाब दे दिया, तब शंकर नेत्रालय गए , वहां भी सुधार नही हुआ , आंख निकालने की नौबत आ गई । किसी ने डॉ.रश्मिका के बारे में बताया ,यहाँ पहुंचे ,और इन्होंने ऐसा इलाज किया कि सब ठीक हो गया। 

पटना का सबसे पुराना क्षेत्र कुम्हरार विकास के मामले में पीछे छूट गया और नए बसे इलाके आगे निकल गए । डॉक्टर शरद कहते हैं – चुनावी ढोल लटकाए विकास  के वादों की लंबी माला लिए कई लोग मैदान में है , मैं न ढोल बजाने आया हूँ ,न वादों की कोई माला है। मैं बीस वर्षों से कुम्हरार के लोगों की यथा सम्भव सेवा कर रहा हूँ , मुझे जाननेवाले लोगों के सहयोग , प्रेम और प्रोत्साहन ने मुझे उम्मीदवार बनाया है।

वर्षों पहले अनिल कपूर की एक फ़िल्म आई थी  – नायक ,जिसमे वे एक दिन के मुख्यमंत्री बने थे और जनता की तकदीर बदल दी थी।  ऐसे ही नायक है डॉक्टर शरद , जिन्हें जनता चुन ले तो वाकई कुम्हरार की किस्मत बदल जाएगी ।




विनीता


 

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