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कोरोना संक्रमण के बढ़ते खतरे को देखते हुए उत्तराखंड सरकार ने नई गाइडलाइन जारी की

त्तराखंड में कोरोना संक्रमण के बढ़ते खतरे को देखते हुए मुख्य सचिव उत्पल कुमार सिंह की ओर से नई गाइडलाइन जारी हुई है ,जिसके तहत शाम सात से सुबह सात बजे तक के लिए नए प्रतिबंध लागू कर किये गए हैं। अभी संक्रमण के मामले में वैसे रोगी भी मिल रहे हैं ,जिनमे कोरोना के कोई लक्षण नहीं दिखाई दे रहे लेकिन जाँच में वे पॉजिटिव निकल रहे हैं। इसलिए सरकार द्वारा चिन्हित 31 कोरोना हॉटस्पॉट शहरों की सूची जारी की गई है जहाँ से उत्तराखंड आने वालों के लिए विशेष सख्ती की गई है। ये 31 शहर हैं – मुंबई के सभी जिले, चेन्नई, अहमदाबाद, थाणे, पुणे, इंदौर,गौतमबुद्ध नगर, मेरठ, कानपुर नगर, बिजनौर, सहारनपुर, मुजफ्फरनगर, मुरादाबाद, रामपुर, बरेली व पीलीभीत, कोलकाता, जयपुर, हैदराबाद, सूरत, औरंगाबाद, जोधपुर, भोपाल, चेंगापट्टू(तमिलनाडु), गुरुग्राम, नासिक, रायगढ़, हावड़ा, आगरा, ।राज्य के अंदर आने जाने के लिए किसी परमिट और पास की जरूरत नहीं होगी लेकिन उन्हें रजिस्ट्रेशन करना होगा वैबसाइट पर। किसी को क्वारंटीन नहीं होना होगा। राज्य के बाहर से आने वाले लोगों को वेब पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन कराना होगा और आरोग्य एप डाउनलोड करना होगा। इन शहरों से आने वाले लोगों को सात दिन संस्थागत क्वारंटीन और 14 दिन होम क्वारंटीन होना होगा। लोग चाहें तो सरकारी क्वांरटीन निशुल्क व्यवस्था या भुगतान कर क्वारंटीन सेंटर में रह सकते हैं। अन्य शहरों से आने वालों को 14 दिन के लिए होम क्वांरटीन होना होगा। गर्भवती महिलाएं, गंभीर रोगी, 65 वर्ष से अधिक के वरिष्ठ नागरिक, दस साल से कम उम्र के बच्चों के साथ यात्रा करने वाले माता-पिता। इन्हें 14 दिन के लिए होम क्वारंटीन होना होगा। राज्य और जिला नोडल अधिकारी, स्वास्थ्य विभाग से परामर्श कर बिना लक्षण वाले लोगों को 14 दिन के होम क्वारंटीन की अनुमति दे सकेंगे ।कोरोना हॉट स्पॉट शहरों   से आने वाले सैन्य व अर्द्धसैनिक बलों से जुड़े अधिकारियों व जवानों के पारिवारिक सदस्यों के लिए उत्तराखंड आने पर सात दिन का संस्थागत क्वारंटीन अनिवार्य होगा। इसके बाद उन्हें 14 दिन होम क्वारंटीन में रहना होगा। राज्य के भीतर बाहर कार्यालय के काम से आने जाने के लिए विशिष्ट ,अतिविशिष्ट व्यक्तियों केंद्रीय मंत्री, प्रदेश सरकार के मंत्री, उच्च न्यायालय के सभी न्यायाधीश व सभी जिला न्यायालयों के न्यायिक अधिकारी, राज्य के सभी सांसद व विधायक, केंद्र सरकार, राज्य सरकार व निगमों बोर्डों के अधिकारी, केंद्र व राज्य सरकार के प्रतिष्ठानों के सभी अधिकारी इन्हें छूट दी गई है। उन्हें क्वारंटीन नहीं होना होगा।इन्हें सिर्फ केंद्रीय गृह मंत्रालय, स्वास्थ्य मंत्रालय और राज्य सरकार द्वारा कोविड-19 महामारी की रोकथाम के लिए सुरक्षा से जुड़े सभी दिशा-निर्देशों का पालन करना होगा।




नवीन भंडारी


 

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