Sat. May 21st, 2022

चिराग पासवान और पप्पू यादव की मुलाकात से बिहार की सियासत में बड़े बदलाव के संकेत

पटना, बिहार                               

बिहार में चुनाव सर पर है , सियासत में उफान जारी है।बयानों के तीर खूब चल रहे हैं , ऐसे ही चले तीर से लोजपा आहत है । चिराग पासवान को जदयू के ललन सिंह ने जब कालिदास कहा तो , आरम्भ से ही बिहार में सकारात्मक राजनीति का बिगुल फूँक चुके लोजपा अध्यक्ष चिराग पासवान ने अपने तेवर और तल्ख कर लिए। बिहार सरकार की कमियों को उजागर कर प्रारम्भ से ही नीतीश कुमार पर हमलावर रहे हैं। उनके सुझावों को दरकिनार कर जदयू ने चिराग पासवान को ही घेरना शुरू कर दिया। अब चिराग पासवान कुछ बड़ा करने जा रहे हैं।

उन्होंने अपने  नेताओं से दो टूक कहा कि कोरोनाकाल में स्वास्थ्य विभाग और बिहार सरकार  की किसी भी कमी को बिना डरे उजागर कीजिए, चिराग पासवान आपके साथ खड़ा है। लोजपा कार्यालय में पार्टी की अहम बैठक में अपने नेताओं को संबोधित करते हुए कोरोना, बाढ़ और रोजगार के मुद्दे पर पार्टी की रणनीति के जानकारी दी।

प्राप्त खबर के अनुसार शुक्रवार की  देर रात चिराग़ पासवान और पप्पू यादव के बीच बंद कमरे में चार घण्टे तक बैठक हुई। पप्पू यादव के साथ हुई मुलाकात बिहार की राजनीति में एक नए सियासी समीकरण का संकेत है। लोजपा जल्द ही संसदीय बोर्ड की बैठक बुलाएगी जिसमे पार्टी की अगली रणनीति पर फैसला होगा। नीतीश कुमार से तल्खी के बीच चिराग पासवान ने भारतीय जनता पार्टी के प्रमुख जेपी नड्डा से भी गुरुवार को मुलाकात की थी। 

लोजपा के अध्यक्ष चिराग पासवान जिस तरह बिहार की राजनीति में जनता की नब्ज पकड़ रहे हैं और भारतीय जनता पार्टी नेतृत्व चुप्पी साधे सब देख रहा है , इससे तो यही लगता है कि नीतीश का नेतृत्व खतरे में है, बिहार की सियासत में नयी संभावनाओं की जमीन बन रही है।




News mandi bihar desk


 

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