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चीन की शह पर नेपाल की चाल…

नेपाल में संविधान को अपनाए जाने के बाद वर्ष 2015 में प्रधानमंत्री बने के.पी शर्मा वामपंथी हैं। इसलिए नेपाल की राजनीति में वामपंथियों का दबदबा है।  केपी शर्मा अपनी भारत विरोधी भावनाओं के लिए जाने जाते हैं , चीन की शह पर नेपाल का खेल ..

 नई दिल्ली                                         

नेपाल के विभिन्न जिलों में पिछले तीन दिनों से नागरिकता संशोधन कानून को लेकर आंदोलन जारी है। नेपाल की संसद में मंगलवार को पेश हुए विवादास्पद नागरिकता संशोधन बिल पर जमकर हंगामा मचा हुआ है। इस कानून के पास होने के बाद नेपाल में विवाह करने वाली दूसरे देश की महिलाओं को नागरिकता के लिए 7 साल तक इंतजार करना पड़ेगा। वैसे तो कानून बनने के बाद यह नियम सभी विदेशी महिलाओं पर लागू होगा लेकिन भारत इससे ज्यादा प्रभावित होगा । नेपाल के साथ भारत का रोटी बेटी का सम्बंध रहा है ऐसे में नेपाल की ओली सरकार ने नागरिकता कानून में बड़ा बदलाव का फैसला कर भारतीय बेटियों पर निशाना साधा है। अब बहू बनकर नेपाल जाने वाली भारतीय बेटियों को वहां की नागरिकता के लिए सात साल इंतजार करना होगा।नेपाल के मौजूदा नागरिकता कानून के तहत नेपाली पुरुषों से विवाह करने वाली गैर-नेपाली महिलाओं को तुरंत नेपाली नागरिकता मिल जाती है. मधेस नाम से जाने जाने वाले नेपाल के तराई के इलाके में ऐसे कई परिवार हैं जिनके सीमा के उस पार बसे भारतीय परिवारों के साथ पारिवारिक रिश्ते हैं। नेपाल के गृहमंत्री राम बहादुर थापा ने भी कहा है कि नागरिकता कानून में बदलाव का प्रस्ताव भारत को ध्यान में रखकर है। नेपाल में सरकार के इस कदम का विरोध हो रहा है ।सत्तारूढ़ नेपाल कम्युनिस्ट पार्टी (एनसीपी) के प्रस्ताव का विरोध करने वालों में नेपाल की तीन बड़ी राजनीतिक पार्टियों के साथ-साथ कई एनजीओ भी शामिल हैं। नेपाल में संविधान को अपनाए जाने के बाद वर्ष 2015 में प्रधानमंत्री बने के.पी शर्मा वामपंथी हैं। इसलिए नेपाल की राजनीति में वामपंथियों का दबदबा है।  केपी शर्मा अपनी भारत विरोधी भावनाओं के लिए जाने जाते हैं। भारत चीन के साथ हुई तानातानी के बीच नेपाल ने भी अपना खेल दिखाना शुरू कर दिया ।

चीन की शह पर नेपाल की संसद ने एक नए राजनीतिक मानचित्र को मंजूरी दी , जिसमें कथित रूप से उत्तराखंड के लिपुलेख, कालापानी और लिंपियाधुरा पर नेपाल ने अपना दावा जताया। उसके कुछ ही दिनों के बाद बिहार के सीतामढ़ी स्थित सोनबरसा थाना क्षेत्र की पिपरा परसाइन पंचायत में लालबन्दी स्थित जानकी नगर बॉर्डर पर नेपाली सैनिकों ने सीमा पर अपने रिश्तेदार से मिलने आये पिता पुत्र को रोका और वहां खेत मे काम कर रहे किसानों पर गोलियाँ दागी। एक व्यक्ति की मृत्यु हो गई और चार लोग घायल हो गए । एक व्यक्ति को नेपाली सैनिकों ने बंदी भी बना लिया ,जिसे 24 घण्टे के बाद छोड़ा । उसके बाद नेपाल ने फिर बलुआ गुआबारी में हो रहे तटबंध की मरम्मति का काम रुकवाकर फिर से तनावपूर्ण स्थिति उतपन्न कर दी है ।पूर्वी चंपारण जिले के ढाका प्रखंड स्थित लालबकेया नदी के पश्चिमी तटबंध बलुआ गुआबारी तटबंध की मरम्मति के काम पर नेपाल ने विरोध जताया और फिर काम बंद करा दिया है। गुआबारी तटबंध के 500 मीटर की लंबाई को अपनी जमीन बताकर नेपाल ने काम रुकवा दिया है। चीन की शह पर भारत के खिलाफ काम करने की उनकी रणनीति से अंततः नेपाल को ही नुकसान होगा।




News mandi desk


 

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