Tue. Oct 20th, 2020

जब ममता ने समझाया अनुच्छेद 163 तो राज्यपाल ने कहा अनुच्छेद 154 देखने के लिए मजबूर न करें

पश्चिम बंगाल                              

श्चिम बंगाल में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के रवैये से खफा राज्यपाल जगदीप धनखड़ के सब्र का बांध टूटने वाला है , वे राज्य में लंबे समय से ममता बनर्जी के असहयोग और नकारात्मक रवैये से परेशान हैं। अब उन्होंने साफ शब्दों में चेतावनी देते हुए कहा है कि ‘मैं पिछले काफी समय से नजरअंदाज किया जा रहा हूं, ऐसा ही रहा तो मजबूरन मुझे संविधान के अनुच्छेद 154 को इस्तेमाल करना पड़ेगा ।

मामला उस वक्त गर्म हो उठा जब सोमवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में राज्यपाल जगदीप धनखड़ ने कहा कि – पश्चिम बंगाल में फिर माओवादी उग्रवाद अपना सिर उठा रहा है। कानून-व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी है।इस संबंध में धनखड़ ने कानून-व्यवस्था को लेकर डीजीपी को पत्र लिखा था, जिस पर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने पत्र लिखकर नाराजगी जताई थी।राज्यपाल को लिखे 9 पेज के पत्र में ममता ने अनुच्छेद 163 का हवाला देते हुए कहा था कि आपको अपने मुख्यमंत्री और कैबिनेट की सहायता और सलाह के मुताबिक काम करना जरूरी है और यही हमारे लोकतंत्र का सार है। इसलिए मुख्यमंत्री की अनदेखी करने और राज्य के अधिकारियों को आदेश देने से दूर रहें।’

इस पर प्रतिक्रिया देते हुए राज्यपाल ने ममता बनर्जी को कहा कि अनुछेद 154 देखने के लिए मजबूर न करें।

क्या है संविधान का अनुच्छेद 154?

संविधान के अनुच्छेद 154 के प्रावधानों के मुताबिक राज्य की कार्यपालिका की शक्ति राज्यपाल में निहित होगी। अनुच्छेद 154 (1) के मुताबिक, राज्य की कार्यपालिका की शक्ति राज्यपाल में निहित होगी और वह इसका प्रयोग इस संविधान के अनुसार स्वयं या अपने अधीनस्थ अधिकारियों के द्वारा करेगा।




News mandi desk


 

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