Sun. Apr 11th, 2021

नियुक्ति के लिए आमरण अनशन पर बैठे शारीरिक शिक्षा स्वास्थ्य अनुदेशक अभ्यर्थी, सरकार उदासीन

बिहार                                

न्यायालय में शपथ पत्र के बाद भी सरकार अपने वादे से मुकर गई है ,  निर्णायक आंदोलन होगा …

पटना : आज लगातार दसवें दिन भी गर्दनीबाग धरनास्थल पर शारीरिक शिक्षा स्वास्थ्य अनुदेशक का आन्दोलन जारी रहा । आन्दोलन का नेतृत्व शारीरिक शिक्षक संघ के बैनर तले किया जा रहा हैं । संघ के अध्यक्ष शशिकान्त पाण्डेय के अनुसार धरनास्थल पर आज नेता पक्ष से जीतन राम मांझी के द्वारा तथा नेता प्रतिपक्ष के प्रवक्ता मृत्युंजय तिवारी के द्वारा जल्द ही इस पर कार्यवाही करवाने का आश्वासन मिला है।आज के तय कार्यक्रम के अनुसार आज से आमरण अनशन का आयोजन किया जा रहा है। सरकार के द्वारा शारीरिक शिक्षकों के पक्ष में कोई उचित करवाई का आश्वासन नही मिलता है जब तक ये आंदोलन जारी रहेगी।

संघ के अध्यक्ष शशिकान्त पांडेय, सचिव चंदन द्विवेदी, रवि कुमार, राणा प्रताप, विपिन पांडेय, हरि,विपुल सिंह आदि आज सरकार के खिलाफ अपनी मांगो के ले कर आमरण अनशन पर बैठे हुए है। अगर सरकार के द्वारा कैबिनेट से स्वीकृति प्रदान करवाते हुवे बहाली प्रक्रिया सीघ्र चालू नही कराई गई और सरकार अगर नही जागती हैं, तो हम लोग ये आमरण अनशन आगे भी जारी रख सकते है।

विदित हो कि गर्दनीबाग सड़क के किनारे ठंढ में लगातार 10 दिनों से धरना पर बैठे ये लोग शारीरिक शिक्षा स्वास्थ्य अनुदेशक पद पर नियुक्ति की मांग को लेकर आंदोलनरत हैं।
मामला 2017 से चल रहा है , बिहार विद्यालय परीक्षा समिति ने दिसम्बर 2019 में शारिरिक शिक्षक एवम स्वास्थ्य अनुदेशक पद के लिए परीक्षा ली थी, जिसका रिजल्ट फरवरी 2020 में घोषित हुआ , इस परीक्षा में 3523 अभ्यर्थी सफल हुए। ये सफल अभ्यर्थी उसी वक्त से अपनी नियुक्ति का इंतजार कर रहे हैं। बिहार राज्य शारीरिक शिक्षा अनुदेशक के प्रदेश अध्य्क्ष शशिकांत पांडेय का कहना है कि सरकार ने अप्रैल 2020 तक नियुक्ति पूरी करने का कोर्ट में शपथ पत्र दिया था ,लेकिन कुछ नही हुआ। धरने पर बैठे इन अभ्यर्थियों की सरकार से गुजारिश है कि सफल अभ्यर्थियों को नियुक्ति दी जाए ।




News mandi bihar desk


 

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