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पूर्वी लद्दाख में चीनी सैनिकों से झड़प में 20 सैनिक शहीद, 40 से अधिक चीनी सैनिकों के मारे जाने की खबर

पूर्वी लद्दाख के गालवान घाटी में चीनी सैनिकों के साथ सोमवार रात हुई हिंसक झड़प में भारत के 20 जवान शहीद हो गए हैं ,जबकि चीन के 43 सैनिकों के मारे जाने की खबर है..

 नई दिल्ली                                         

16 जून को पूर्वी लद्दाख के गालवान घाटी में चीनी सैनिकों के साथ  हुई हिंसक झड़प में भारत के 20 जवानों के शहीद होने की खबर है ,जबकि  चीन की क्षति के बारे में सटीक संख्या की जानकारी नहीं दी गई है लेकिन सूत्रों के हवाले से कहा है कि गया है कि चीन के कम से कम 43 सैनिक जान गंवा चुके हैं या गंभीर रूप से घायल हुए हैं। न्यजू एजेंसी ANI के अनुसार चीन की ओर से हेलीकॉप्टरों की आवाजाही में बढ़ोतरी देखी गई है, ताकि वे भारतीय सेना से हुई हिंसक झड़प के दौरान मारे गए और गंभीर रूप से घायल हुए अपने सैनिकों को ले जा सकें। शहीद होने वाले जवानों में कर्नल बी संतोष बाबू, 16 बिहार रेजिमेंट के कमांडिंग ऑफिसर, 81 फील्ड रेजिमेंट के हवलदार के पलानी और 16 बिहार रेजिमेंट के हवलदार सुनील कुमार झा शामिल हैं।रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भारत और चीन सीमा पर पूर्वी लद्दाख क्षेत्र में दोनों सेनाओं के जवानों के बीच हिंसक झड़प के कारण उत्पन्न स्थिति पर शीर्ष सैन्य नेतृत्व के साथ लगातार दो बैठकों में चर्चा की। रजनाथ सिंह ने विदेश मंत्री एस जयशंकर की मौजूदगी में चीफ आफ डिफेंस स्टाफ जनरल बिपिन रावत और तीनों सेनाओं के प्रमुखों के साथ लगभग एक घंटे चली बैठक में घटना की विस्तार से जानकारी ली और स्थिति की समीक्षा की। बैठक में मौजूदा स्थिति से निपटने के लिए रणनीति और आगे उठाए जाने वाले कदमों पर भी विचार विमर्श किया गया।लद्दाख इलाके में यह 1962 के बाद पहला ऐसा मौका है जब सैनिक शहीद हुए हैं।मंगलवार को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने शीर्ष सैन्य अधिकारियों के साथ लगातार दो बैठकें की, इसके बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अमित शाह से मुलाकात की।पूर्वी लद्दाख के गालवान घाटी में दोनों सेनाओं की ओर से रात में पीछे हटने की प्रक्रिया जारी थी लेकिन अचानक चीनी सैनिकों के उग्र होने से यह घटना हुई , चीन का आरोप है कि भारतीय सैनिक उसकी सेना में घुस आए थे।पांच मई से ही भारत और चीन की सेना के बीच गतिरोध चल रहा है. पेंगॉन्ग सो झील के पास फिंगर इलाके में भारत द्वारा महत्वपूर्ण सड़क बनाने पर चीन ने कड़ा ऐतराज किया था. इसके अलावा गलवान घाटी में दरबुक-शायोक-दौलत बेग ओल्डी रोड को जोड़ने वाली सड़क पर भी चीन ने आपत्ति जतायी थी. इसके बाद से ही दोनों देशों की सेनाएं आमने-सामने हैं। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अनुराग श्रीवास्तव ने कहा कि तनाव घटाने के लिए बातचीत हो रही है। झड़प से दोनों पक्षों को नुकसान पहुंचा है।उन्होंने कहा कि चीन ने आपसी सहमति का सम्मान नहीं किया. हम शांति को प्रतिबद्ध हैं, लेकिन संप्रभुता बनाए रखेंगे।विदेश मंत्रालय ने कहा है कि पूर्व में शीर्ष स्तर पर जो सहमति बनी थी, अगर चीनी पक्ष ने गंभीरता से उसका पालन किया होता तो दोनों पक्षों की ओर जो हताहत हुए हैं, उनसे बचा जा सकता था।




News mandi desk


 

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