Sat. May 21st, 2022

भाजपा – जदयू का ‘वाटर ‘ वार

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की बेचैनी उस समय बढ़ गई जब प्रदेश भाजपा अध्यक्ष संजय जयसवाल ने अपने फेसबुक पर लिखा कि पटना में बारिश रूकने के  24 घंटे बाद भी पानी का नहीं निकलना ये बताने के लिए काफी है कि प्रशासनिक लापरवाही हुई है । सरकार के सहयोगी रहते हुए भी भाजपा द्वारा इस बयान के बाद नीतीश परेशान दिखे ।संजय जायसवाल ने कहा कि सरकार पटना में राहत कार्य मे भी पिछड़ गई है । संजय जायसवाल ने पटना जलजमाव में संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों को दोषी मानते हुए करवाई की बात करते हुए  कहा कि जब 2017 में चंपारण में बाढ़ आयी थी तो उन्होंने अधिकारियों के साथ मिलकर 24 घंटे में राहत कार्य  प्रारम्भ करा दिया था. लेकिन पटना में तबाही के चार दिन बाद राहत बांटने का काम आरम्भ हुआ. प्रदेश भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि सरकार 10 दिन बाद समीक्षा कर उन अधिकारियों की पहचान करे जिनके कारण ये स्थिति उत्पन्न हुई । भाजपा अध्यक्ष ने  हाई लेवल पर बात करके अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई सुनिश्चित कराने की बात कही ।

 फेसबुक पर भाजपा  प्रदेश अध्यक्ष के  बयान के बाद 1 तारीख  की देर शाम नीतीश कुमार राहत कार्य और जल निकासी का जायजा लेने स्वयं निकल पड़े  । लेकिन ताज्जुब की बात यह हुई कि मुख्यमंत्री जब  पटना का निरीक्षण करने निकले तो जिले के प्रभारी मंत्री नंद किशोर यादव , स्थानीय विधायक अरुण सिन्हा तक को खबर नहीं हुई । और तो और डिप्टी सी.एम सुशील मोदी भी अनभिज्ञ थे । नीतीशकुमार  ने सैदपुर में नगर विकास विभाग के संप हाउस का निरीक्षण किया लेकिन इसकी खबर नगर विकास मंत्री सुरेश शर्मा को भी नहीं लगी । सिर्फ नगर विकास विभाग के अधिकारियों को मुख्यमंत्री के आने की खबर दी गयी थी ।सैदपुर और रामपुर नहर के इलाके में बाढ़ से पीड़ित लोगों से मुलाकात  की जहाँ उन्हें लोगों के आक्रोश का भी सामना करना पड़ा । 

  प्रदेश अध्यक्ष संजय जायसवाल ने पटना के हालात पर किये अपने फेसबुक पोस्ट  में प्रकारान्तर से सूबे के मुखिया नीतीश पर ही निशाना साधा है । अभी पटना बाढ़ प्रकरण पर भाजपा सांसद गिरिराज सिंह ने भी नीतीश कुमार को कठघड़े में खड़ा किया था । भाजपा नेताओं के ऐसे बयान यह बताते है कि वे सरकार में जरूर हैं लेकिन उनके हाथ मेंकुछ नहीं है । सूत्र बताते हैं कि बिहार सरकार का नगर विकास विभाग भाजपा के जिम्मे जरूर है लेकिन उसमे अधिकारियों की तैनाती नीतीश कुमार करते है । नगर विकास विभाग के प्रधान सचिव से लेकर पटना नगर निगम के आयुक्त, पटना के जिलाधिकारी और प्रमंडल के आयुक्त की पोस्टिंग सीधे सीएम कार्यालय से होती है ,यही कारण है कि भाजपा के लोग अधिकारियों को जिम्मेवार बता रहे है ।

राजनीतिक विश्लेषकों ने बिहार 2020 के चुनाव की रणनीति को पढ़ना शुरू कर दिया है और विश्लेषकों की मानें तो भाजपा नीतीश सरकार पर बयानों के तीखे हमले कर जनता के बीच अपनी जगह बना रही है । नीतीश कुमार की विकासवादी छवि को ग्रहण लग रहा है ऐसे में सरकार की सहयोगी  बन विफलता का जिम्मा भाजपा नहीं लेना चाहती , इसलिए नीतीश के चेहरे से इतर अपना चेहरा देने की तैयारी भीतर ही भीतर चल रही है । नीतीश  भी बखूबी इस एहसास में जी रहे होंगे लेकिन उनके पास फिलहाल कोई विकल्प नहीं है ।

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