Sat. May 21st, 2022

माँ सरस्वती के वास स्थान में , खैनी , गुटका और मदिरा डालते लोग

देश में साढ़े छः करोड़ लोग हर रोज विभिन्न रूप में तम्बाकू का उपयोग कर रहे हैं जिससे मुँह और फेफड़ों के कैंसर ने लगभग महामारी का रूप ले लिया है।



             शिवप्रकाश भारद्वाज   :-



भारतीय मान्यताओं में माँ सरस्वती का
वास स्थान मानव की जिह्वा पर होता है।लता मंगेशकर जी जब गाती हैं तो लोग कहते हैं कि इनके मुख में साक्षात माँ सरस्वती वास करती हैं।विज्ञान के नज़र से देखा जााय तो लोग कहते हैं कि यह अंधविश्वास है ।

मुझे तो यह आज लिखने में शर्म आ रही है कि इस देश में करीब साढ़े छः करोड़ लोग हर रोज़ विभिन्न रूप में तम्बाकू (tobacco ) का उपयोग कर रहे हैं।  Oral Cancer और     lung कैंसर ने लगभग महामारी का रूप ले लिया है।

इसके पीछे tobacco सबसे बड़ा कारण है।बेहतर       होता कि माँ सरस्वती के वास स्थान पर गुटखा,खैनी,मदिरा और अन्य कचरों को नहीं रखते।इस जीभ से अपशब्दों को दूर रखते। रिश्तों के दरकने के पीछे सबसे बड़ा कारण यही जीभ है।
Assembly period को बेहतर use करते हुए आज Indian Medical Association, Begusarai के newly elected Secretary ,Dr Nishant Ranjan जी के coordination में awareness on general health organise किया गया।Orthopaedic Surgeon ,Dr Nishant Ranjan जी ने सबसे पहले बच्चों को बैठने और चलने का तरीका बताया।

कम उम्र में ही कमर दर्द की शिकायत का मुख्य कारण गलत तरीके से बैठना है। हमेशा कमर सीधी कर बैठना चाहिए। बिस्तर पर झुककर कभी भी पढ़ाई नहीं करना चाहिए। अगर बिस्तर पर पढ़ना हो तो सामने तकिया या तख्ती पर किताब रखकर पढ़ना चाहिए।कुर्सी पर बैठते समय दोनों पैर के ankle को lock कर बैठना चाहिए।सामने झुककर नहीं चलना चाहिए। Dentist, Dr Balban जी एवं Dr Kundan Kumar जी ने दाँतों को proper तरीके से brush करना सिखाया।

सुबह और रात में भोजन उपरांत brush करने के पीछे का कारण बताया। दाँतों के बीच में फंसे food items के सड़ने के कारण microbes का बढ़ना और फिर दाँतों को कमज़ोर करने से बचने के लिए brush करना अत्यंत आवश्यक है।
Heart specialist ,Dr Ranjan Chaudhary जी ने भारत में tobacco के use करने के कारण हज़ारों करोड़ के नुकसान के बारे में बताया। उन्होंने यह आकलन किया कि अगर इस देश में tobacco का use पूरे तरीके से बंद हो जाये तो उस धन से पूरे विश्व की भुखमरी को दूर किया जा सकता है। बड़ों को समझाना बहुत कारगर नहीं है क्योंकि उन्होंने धीरे धीरे ही सही,आत्महत्या का निर्णय ले लिया है।बच्चों को जागरूक कर सुखद परिणाम की आशा की जा सकती है।

शिक्षण संस्थानों के आसपास इस ज़हर की बिक्री नहीं होनी चाहिए , इसके लिए कानून भी है। सिर्फ सख्ती से लागू करने की जरूरत है। आम लोगों के टैक्स से ही गरीब कैंसर पीड़ितों का इलाज होता है इसलिए अपने टैक्स के सदुपयोग के लिए सबों को प्रयास करना चाहिए।

Child specialist Dr Prabhat Kumar ने भी अपनी बातों को रखा।
Prevention is better than cure के concept को और मजबूत करने की जरूरत है।कोई कितना भी पढ़ ले या धन कमा ले,अस्वस्थ होने पर कष्ट ही कष्ट होता है ।


                 न्यूज मंडी , बेगूसराय 


 

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