Thu. Aug 18th, 2022

लॉक डाउन के असर से जोशीमठ में भगवान के भोग में हुई कमी

देश में कोरोना   संक्रमण और उससे उत्पन्न परिस्थितियों का असर जगत के पालन हार और भू बैकुंठ धाम वासी भगवान श्री हरि नारायण पर भी साफ दिख रहा है। धार्मिक नगरी जोशीमठ में शदेवस्थानम बोर्ड के नरसिंह बदरी मंदिर सहित नव दुर्गा मंदिर की भोग मंडी में खाद्यान संकट गहराने लगा है,जिसके चलते बदरी विशाल भगवान सहित अन्य देवी-देवताओं को लगने वाले नित्य भोग प्रसाद की किल्लत होने की खबर सामने आ रही है। लॉक डाउन के चलते दिन में महज एक एक घण्टे के लिए अभिषेक और भोग हेतु खोले जा रहे मंदिरों में सिर्फ पुजारी द्वारा भगवान का भोग लगाकर मंदिर फिर बंद कर दिया जा रहा है।देवस्थानम बोर्ड के अस्तित्व में आने के बाद जोशीमठ के पौराणिक नरसिंह बदरी मंदिर सहित अन्य मंदिरों की बागडोर BKTC से सीधा देव स्थानम बोर्ड के पास आ गई है,लॉक डाउन में बोर्ड द्वारा मंदिरों के लिए अबतक कोई ठोस व्यवस्था नही होने से मंदिरों में भगवान के लिए भोग का संकट गहराने लगा है, फिलहाल स्थानीय देव पुजाई समिति के दिये चावलों से लग रहा है मंदिरों में भोग।

बात ये की देव स्थानम बोर्ड इन मंदिरों के लिए लगने वाले भोग हेतु खाद्यान की व्यवस्था तक करने में सक्षम नही दिखा आखिर देव पुजाई समिति के चावलों से कबतक भगवान नारायण का भोग लगेगा,क्या सरकार की नजर सिर्फ भगवान श्री हरि के खजाने पर है,भगवान को भूखा रख क्या संदेश जायेगा,या यू कहे की 5करोड रुपये के बने मंदिर में भगवान को लगने वाले भोग के चावल दूसरों से मांगने पढ रहे है,दशकों से यहाँ भगवान विष्णु को लगने वाले देनिक भोग सहित नव दुर्गा, वासुदेव मंदिर,लक्ष्मी मंदिर में नित्य करीब 35किलो चावल सहित खिचड़ी प्रसाद और रोंट भोग लगता चला आ रहा है,लेकिन आजकल महज 2से3किलो चावल से ही दो वक़्त जगत के कल्याण और लालन पालन करने वाले भगवान श्री नारायण और अन्य देवी देवताओ को भोग लगाया जा रहा है,देव स्थानम बोर्ड द्वारा मंदिरों में भगवान के भोग के प्रति बरती जा रही लापरवाही के चलते लोगो में नाराजगी है

 आचार्य भुवन चंद्र उनियाल कहते है..
इस प्रकरण पर देवस्थानम बोर्ड एवम् बदरीनाथ मंदिर के धर्माधिकारी आचार्य भुवन चंद्र उनियाल कहते है की-  लॉक डाउन के चलते अग्रिम आदेशों तक मंदिर की नित्य पूजा अभिषेक का समय बदला है ।सुबह और शाम दोनो वक़्त मंदिरों में पूजा और भोग लगाया जा रहा है, सिर्फ भोग के लिए खाद्यान कम हो रहा था जिसकी पूर्ति देव पुजाई समिति द्वारा की गई है,। उक्त समस्या के बावत शासन प्रशासन और बोर्ड को भी अवगत करा दिया है।
क्या कहा देव पुजाई समिति ने …
इधर देव पुजाई समिति के पदाधिकारी उमेश सती का कहना है की , फिलहाल केे कुछ कमी हो गई है लेकिन जो भी हो हमारे इन पौराणिक मंदिरों में भगवान को लगने वाले भोग की कमी नही होगी ।  देव पुजाई समिति इसके लिए तत्पर है।




नवीन भंडारी जोशीमठ,


 

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