Sun. Apr 11th, 2021

वसीम रिजवी को मौजूदा दौर का यजीद कहा, महिलाओं ने पुतला फूंका, फोटो को रौंदा गया

लखनऊ                

कुरान से 26 आयतों को हटवाने के लिए सुप्रीम कोर्ट में दाखिल याचिका को लेकर शिया वक्फ बोर्ड के पूर्व चेयरमैन वसीम रिजवी का लखनऊ में विरोध तेज हो गया है।वसीम रिजवी ने याचिका दायर कर कहा है कि ये 26 आयतें आतंकवाद को बढ़ावा देती हैं। ऐसे में इन्हें हटाया जाए।

शिया और सुन्नी धर्म गुरुओं ने करोड़ों मुसलमानों के मजहबी जज्बातों से खिलवाड़ का आरोप लगाते हुए रिजवी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।बीजेपी अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ के प्रदेश प्रवक्ता अमील शमसी ने रिजवी के खिलाफ तहरीर दी है।बीजेपी अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ के नगर अध्यक्ष जीशान खान समेत कई मौलानाओं ने कश्मीरी मोहल्ला स्थित रिजवी के घर के बाहर कुरान की उन 26 आयतों की तिलावत की गई ।  महिलाओं ने रिजवी के पोस्टर भी फूंके।

 इमाम-ए-जुमा व शिया धर्मगुरु मौलाना कल्बे जवाद नकवी ने वसीम रिजवी को इस्लाम का दुश्मन करार देते हुए कहा कि वसीम रिजवी का इस्लाम और शिया समुदाय से कोई लेना-देना नहीं है। वह चरमपंथी और मुस्लिम विरोधी संगठनों के एजेंट हैं। वसीम की गिरफ्तारी की मांग करते हुए उन्होंने कहा कि वक्फ बोर्ड की सीबीआई जांच चल रही है। ऐसे में वसीम ऐसे बयान देकर अपनी बेईमानी और भ्रष्टाचार पर पर्दा डाल रहे हैं। वसीम रिजवी को मौजूदा दौर का यजीद बताते हुए  हैदर-ए कर्रार वेलफेयर एसोसिशन की ओर से वसीम रिजवी की फोटो को औरत, मर्द और बच्चों ने उसे पैरों तले कुचला। 

ऐशबाग ईदगाह के इमाम मौलाना खालिद रशीद फरंगी महली ने कहा कि कुरान-ए-पाक अल्लाह की सबसे पवित्र किताब है। कुरान किसी इंसान पर नहीं, बल्कि पैगंबर मोहम्मद साहब पर नाजिल (अवतरित) किया गया था। 26 आयतों को तो छोड़ दीजिए, कुरान-ए-पाक से एक हर्फ, जेर, ज़बर की भी तब्दीली नहीं कर सकता। 

ऑल इंडिया शिया पर्सनल लॉ बोर्ड के प्रवक्ता मौलाना यासूब अब्बास ने कहा कि कुरान-ए-पाक कहता है कि ‘लकुम दिनकुम वलिया दीन’ यानी तुम्हारा दीन तुम्हारे साथ, हमारा दीन हमारे साथ। पैगंबर मोहम्मद साहब के बाद पहले इमाम हजरत अली और सभी 12 इमाम में किसी ने भी कुरान में एक भी बिंदी में रद्दोबदल नहीं की। कुरान अल्लाह की किताब है, किसी के घर की लिखी हुई नहीं, जो इसमें रद्दो-बदल की जाए।

शिया चांद कमिटी के अध्यक्ष मौलाना सैफ अब्बास कहा कि पूरी दुनिया के मुसलमानों के हर फिरके का कुरान-ए-पाक पर पूरा ऐतबार है। अल्लाह की इस किताब में अच्छाइयां बताई गई हैं। वसीम ने इस पाक किताब के बारे में जो कहा कि आंतकवाद को प्रेरित करता है, यह बेहद निंदनीय है।

दारुल उलूम फरंगी महल के प्रवक्ता मौलाना सुफियान निजामी ने कहा कि वसीम अपना दिमागी संतुलन खो चुके हैं। उनका मकसद समाज में एक-दूसरे को लड़ाना है।

 




News mandi desk


 

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