Sat. Oct 31st, 2020

समाजिक न्याय की राजनीति के एक बड़े चेहरे , राम विलास पासवान का निधन

लोक जनशक्ति पार्टी के संस्‍थापक व केंद्र सरकार में मंत्री रामविलास पासवान का निधन हो गया है। 74 वर्षीय रामविलास पासवान पिछले कुछ महीने से बीमार चल रहे थे और साकेत स्थित अस्पताल में भर्ती थे। गुरुवार की शाम उन्‍होंने अंतिम सांसें ली। उनके निधन की पुष्टि एलजेपी के अध्‍यक्ष व उनके बेटे चिराग पासवान ने कर दी है।

समाजिक न्याय की राजनीति का एक बड़े चेहरा हमारे बीच नही रहा।  बिहार के खगड़िया जिले के शाहरबन्नी गांव से ताल्लुक रखनेवाले राम विलास पासवान ने  सन 2000 में लोक जनशक्ति पार्टी की स्थापना की थी। बिहार की छोटी पार्टियों की लिस्ट में होने के बावजूद भी उनकी हमेशा केंद्र की सत्ता में भागेदारी रही है। 

1960 के दशक में बिहार विधानसभा के सदस्य के तौर पर अपने राजनीतिक सफर की शुरुआत करने वाले रामविलास पासवान आपातकाल के बाद 1977 के लोकसभा चुनावों से वह तब सुर्खियों में आए, जब उन्होंने हाजीपुर सीट पर चार लाख मतों के रिकार्ड अंतर से जीत हासिल की। देश के छह प्रधानमंत्रीयों के साथ कार्य कर चुके रामविलास पासवान ने बाबू जगजीवन राम के बाद बिहार में दलित नेता के तौर पर अपनी पहचान बनाई।1989 में जीत के बाद वह वीपी सिंह की कैबिनेट में पहली बार शामिल किए गए और उन्हें श्रम मंत्री बनाया गया। नरेंद्र मोदी के कार्यकाल में खाद्य, जनवितरण और उपभोक्ता मामलों के मंत्री के रूप में कार्य किया ।


News mandi desk



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